हमेशा खुश रहो

हमेशा खुश रहो - किसी शायर ने कहा हैं कि “कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता, कहीं जमीं तो कहीं आसमां नहीं मिलता”। इसी प्रकार से मानव का जीवन हैं जिसमे असीमित इच्छाएँ होती हैं और जिनका अंत नहीं होता हैं।

एक के समाप्त होते ही दूसरी उसके मन मस्तिस्क में जगह बनानें लगती हैं तथा वह इच्छाओं का गुलाम बनता चला जाता हैं।

हमेशा खुश रहो

अपनी इच्छाओं को पूर्ण करनें में वह इतना डूब जाता हैं कि उन्हें पूर्ण करनें के लिए अपनाए जाने वाले अच्छे बुरे तरीकों के बारे में भी सोच नहीं पाता हैं परिणामस्वरूप कई विपत्तियों और दुखो से घिर जाता हैं।

इस दौरान वह भूल जाता हैं कि संतुष्ट और प्रसन्न व्यक्ति ही लम्बी उम्र जी पाता हैं तथा प्रसन्न रहनें से सब कष्ट दूर हो जाते हैं। अपनी इच्छाओं को पूर्ण करनें की धुन में इतना मगन हो जाता हैं कि उसका वर्तमान कहीं लुप्त हो जाता हैं।

इसलिए वर्तमान समय की प्रसन्नताओं को हमेशा भोगना चाहिए ना कि भावी समय के लिए चिंतित होकर विचलित होना चाहिए। ऐसा न करनें से वर्तमान समय की प्राप्त हुई खुशी को भी वह दुख में बदल देता हैं।

किसी भी कार्य को करने के लिए हमेशा प्रयासरत रहें लेकिन उस प्रयास में हम किसी भी व्यक्ति को कष्ट न पहुचाएं। व्यक्ति को अपने मन की अतृप्त भावनाओं जैसे आज ये नहीं हुआ, ये पाना हैं, वो करना हैं आदि को खत्म करना आवश्यक होगा तभी वह संतोषी बनेगा और जीवन आनंदपूर्वक जी पाएगा।

संतोष हर व्यक्ति के अंतर्मन में निवास करता हैं तथा जिस दिन वह उसे पहचान लेता हैं उसी दिन वह सभी लोभ लालच से दूर होकर सबसे प्रेम करना सीख जाता हैं और प्रसन्न रहना शुरू कर देता हैं।

प्रसन्न व्यक्ति के आस पास का माहौल भी खुशनुमा बना रहता है जो कि उससे संबद्ध हर व्यक्ति को प्रभावित करता हैं।

प्रसन्नता वो धन हैं जिसे कोई भी चुरा नहीं सकता है और न कोई छीन सकता हैं। प्रसन्न मन ही स्वस्थ शरीर की कुंजी होता है और अगर ये कुंजी कही खों जाती है तो इसका हमारे स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हैं।

मुस्कुरानें और खुश रहनें पर सारा संसार अपना सा लगता हैं तथा शरीर हर तरह की व्याधियों से मुक्त रहता हैं। प्रसन्न चेहरे पर एक अजीब तरीके का आकर्षण होता हैं जो सभी को अपनीं तरफ आकर्षित करता हैं।

मुस्कुराओगे तो सारा संसार तुम्हारे साथ हैं। खुशियाँ अपने दोनों हाथों से लुटाओगे तो वर्तमान नए नए रंगों से भर जाएगा।

इसलिए ये ना सोचो कि मुझे क्या क्या नहीं मिला है बल्कि ये सोचो कि मुझे जो भी मिला है वो बहुत हैं। कमियां न देखो, ये देखो कि भगवान ने आपको लाखों करोड़ों लोगो से बेहतर जीवन दिया हैं। भगवान का शुक्रिया अदा करके प्रसन्न रहो।

हमेशा खुश रहो Always be happy

Written by:
Ramesh Sharma

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