नरेन्द्र मोदी बन रहे हैं भारत के सिकंदर

नरेन्द्र मोदी बन रहे हैं भारत के सिकंदर - जो जीता वो सिकंदर एक बहुत ही प्रसिद्ध कहावत है जिसका आशय यह है कि जिस प्रकार यूनानी शासक सिकंदर ने येन केन प्रकारेण विजयश्री प्राप्त की थी, ठीक उसी प्रकार सफलता किसी भी तरीके से मिली हो, सफल व्यक्ति की तुलना सिकंदर से हो ही जाती है. सफलता के सिंहासन पर आसीन व्यक्ति सिकंदर तुल्य समझा जाता है.

नरेन्द्र मोदी बन रहे हैं भारत के सिकंदर

चुनाव भी एकतरह का युद्ध ही होता है तथा भारत के प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी इन चुनावों में कुछ ऐसा कारनामा कर दिखाया है.

इन्होंने भारतीय जनमानस को जात-पात, अमीरी-गरीबी, छोटा-बड़ा, ग्रामीण-शहरी तथा नार्थ एवं साउथ इंडियन के दायरे से बाहर निकालकर भारतीयता की माला में ऐसा पिरोया है कि सम्पूर्ण देशवासी नतमस्तक होकर इनके पीछे चल पड़े हैं.

इन्होंने भारतवासियों की कमजोर पड़ती नसों में राष्ट्रवाद रुपी कडवी परन्तु असरकारक औषधि की ऐसी खुराक भरी है कि कमजोर से कमजोर तबके का इंसान भी अपनी भुजाएँ फड़काकर भारत के दुश्मनों को ललकारते हुए लोहा लेने को तत्पर दिखाई जान पड़ा है.

नरेन्द्र मोदी सच्चे मायने में भारत का बेटा है, एक ऐसा बेटा जिसने अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा में समर्पित कर दिया है. इन्होंने अपना निजी कुछ भी नहीं रखा है, जो भी कुछ है सब कुछ सार्वजनिक है.

राष्ट्र की सेवा का जज्बा लिए इन्होंने सिद्धार्थ की तरह अपनी पत्नी तथा घर का त्याग कर अपना सम्पूर्ण जीवन माँ भारती के चरणों में समर्पित कर दिया है.

जिस प्रकार सिद्धार्थ ने कष्ट पाकर ज्ञान अर्जित किया ठीक उसी प्रकार नरेन्द्र मोदी ने अपने विरोधियों की आलोचनाओं रुपी विष को नीलकंठ की माफिक धारण किया और बिना अपने पथ से विचलित हुए राष्ट्र सेवा में लगे रहे.

गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए ही इन्होंने अपने इरादे जाहिर कर दिए थे कि भारत माँ का ये लाल सिर्फ गुजरात राज्य की सेवा करने के लिए ही धरती पर नहीं आया है.

गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में भी इन्हें बहुत प्रताड़ना सहन करनी पड़ी परन्तु इन्होंने कभी भी उफ तक नहीं किया और खामोशी से अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ते रहे.

इन्हें मौत का सौदागर तक कहा गया परन्तु फिर भी ये हमेशा सवा सौ करोड़ भारतवासियों के हितों की बात ही करते रहे. वर्ष 2014 के आम चुनावों में जनता ने अपने इस कर्मठ तथा करिश्माई नेता को सर आँखों पर बिठाकर भारत की बागडौर सौपीं.

मोदी ने भारत की जनता के विश्वास तथा उम्मीद को अक्षुण्ण रखा जिसका परिणाम वर्ष 2019 के आम चुनावों में परिलक्षित हो रहा है. इस आम चुनाव में जनता ने भारत के इस बेटे को वर्ष 2014 के चुनावों से भी अधिक बहुमत देकर अपना आशीर्वाद प्रदान किया है.

सम्पूर्ण विपक्ष के एकजुट हो जाने के पश्चात भो मोदी ने इन आम चुनावों में विपक्ष द्वारा बनाए गए चक्रव्यूह को ना केवल ध्वस्त किया बल्कि विपक्ष का ही सफाया कर दिया.

विपक्ष को सदैव इसी बात का मलाल रहेगा कि मोदी अभिमन्यु नहीं बने बल्कि इन्होंने भगवान कृष्ण की तरह इस चुनावी महाभारत को अपने मनमाफिक तरीके से संचालित किया. विपक्ष बार-बार इनके बनाये चक्रव्यूह में फँसता रहा.

जनता के प्यार तथा आशीर्वाद से मोदी पुनः सत्तासीन हुए तथा अब तो ऐसा लगने लगा है कि नरेन्द्र मोदी को लेकर फ्रांस के महान भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी के जो कयास लगाये जा रहे हैं वो शायद सही है. मोदी ने दिखा दिया कि अगर नेक इरादे और सेवाभावना से कार्य किया जाए तो जनता सिकंदर बना ही देती है.

मोदी ने अपनी कूटनीति का लोहा ना सिर्फ भारत में बल्कि सम्पूर्ण विश्व में मनवाया है. जिन विकसित देशों के नेता कल तक भारत तथा भारतीय नेताओं को विश्वव्यापी नेता के रूप में महत्त्व नहीं देते थे वे आज नरेन्द्र मोदी से मिलने के लिए लालायित रहते हैं.

वह दिन अब दूर प्रतीत नहीं होता जब मोदी भी सिकंदर की तरह भारत का नाम ब्रह्माण्ड में गुंजायमान कर देगे.

नरेन्द्र मोदी बन रहे हैं भारत के सिकंदर Narendra Modi becoming Indian Sikandar

Written by:
Ramesh Sharma

ramesh sharma smpr news

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