क्या श्रीमाधोपुर के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने पटेल को बीजेपी का मान लिया है?

क्या श्रीमाधोपुर के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने पटेल को बीजेपी का मान लिया है? - कल दिनांक 31 अक्टूबर को श्रीमाधोपुर में स्टेशन रोड पर स्थित पटवारी धर्मशाला में ब्लाक कांग्रेस कमेटी के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्थानीय विधायक दीपेन्द्र सिंह शेखावत की उपस्थिति में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गाँधी की पुण्यतिथि मनाई.

क्या श्रीमाधोपुर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटेल को बीजेपी का मान लिया है?

इंदिरा गाँधी के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके जीवन पर प्रकाश डालने के साथ-साथ मौन रख कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई.

कार्यक्रम में ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रक्षपाल स्वामी, बनारसीलाल तिवाड़ी, मदन चौहान, राकेश तिवाड़ी, महेन्द्र उपाध्याय, लोकेश वर्मा, दिनेश सिंह शेखावत सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे.

क्या श्रीमाधोपुर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटेल को बीजेपी का मान लिया है?

खास बात यह रही कि इंदिरा गाँधी की पुण्यतिथि मनाने के चक्कर में कांग्रेसी कार्यकर्ता तथा पदाधिकारी सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती मनाना भूल गए जबकि कल देश के पहले गृहमंत्री तथा उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की 144वीं जयंती थी. देश भर में इस अवसर पर रन फॉर यूनिटी का कार्यक्रम आयोजित कर इस दिन को एकता दिवस के रूप में मनाया गया.

क्या श्रीमाधोपुर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटेल को बीजेपी का मान लिया है?

यहाँ तक कि जयपुर स्थित पीसीसी के मुख्यालय में भी सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन कर स्वर्गीय इंदिरा गाँधी एवं सरदार वल्लभ भाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनका स्मरण किया गया तो फिर श्रीमाधोपुर में कैसे भूल हो गई.

क्या श्रीमाधोपुर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटेल को बीजेपी का मान लिया है?

क्या विधायक महोदय के साथ सेल्फी खिंचवाने में कार्यकर्ता इतने अधिक मशगूल हो गए जिससे यह चूक हो गई या फिर सोच समझकर ही यह फैसला किया गया.

क्या श्रीमाधोपुर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटेल को बीजेपी का मान लिया है?

क्या श्रीमाधोपुर विधायक के साथ-साथ कांग्रेस के सभी पदाधिकारी सरदार पटेल को वाकई भूल गए या फिर सभी ने मन ही मन मान लिया कि सरदार पटेल अब उनके नहीं रहे, प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें कांग्रेस से छीन लिया है.

ब्लाक और ग्रामीण स्तर की राजनीति से किसी भी पार्टी के मनोबल की झलक मिल जाती है और श्रीमाधोपुर के हिसाब से अगर गणना की जाए तो ऐसा प्रतीत होता है कि स्थानीय नेताओं ने या तो पटेल को त्याग दिया है या फिर गाँधी नाम के सामने वे अपने आप को पूरी तरह से बेबस और लाचार मान लेते हैं.

Promote Your Business on Shrimadhopur App @1199 Rs

शायद एक कांग्रेसी कार्यकर्ता के लिए गाँधी नाम के सामने किसी अन्य नाम की कोई हैसियत ही नहीं है. लेकिन पटेल तो कांग्रेस पार्टी से ही ताल्लुक रखते थे फिर उनके साथ ऐसा सुलूक नहीं होना चाहिए था.

अपनी खबर को SMPR News पर पब्लिश करवाने के लिए 9529433460 पर संपर्क करें

बेशक स्वर्गीय इंदिरा गाँधी कद्दावर नेता होने के साथ-साथ एक मजबूत प्रधानमंत्री रही है लेकिन इस वजह से सरदार पटेल का योगदान कम नहीं हो जाता है. सरदार पटेल की वजह से ही यह देश आज विभिन्न रियासतों में विभक्त ना होकर एकता के सूत्र में बंधा हुआ है.

Also read: ऐसे बनते है मंडास्या के प्रसिद्ध समोसे

ऐसा लगता है कि जब से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्टेचू ऑफ यूनिटी का निर्माण करवाकर पटेल को अपनाया है तभी से कांग्रेस के नेताओं में अपना एक महापुरुष खो देने का अफसोस है. यहाँ गौर करने वाली बात यह है कि महापुरुष किसी पार्टी या मजहब से सम्बन्ध नहीं रखते हैं.

किसी भी पार्टी को महापुरुषों को अपने प्रचार तथा वोट मांगने का जरिया नहीं समझना चाहिए.

नीरस दिवाली के बीच याद आती पुरानी यादें

क्या श्रीमाधोपुर के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने पटेल को बीजेपी का मान लिया है? Congress leaders from Shrimadhopur accept sardar patel as BJP icon

अपनी खबर को SMPR News पर पब्लिश करवाने के लिए 9529433460 पर संपर्क करें

Written by:
Ramesh Sharma

ramesh sharma editor smpr news

keywords - indira gandhi homage shrimadhopur, sardar patel homage shrimadhopur, sardar patel jayanti celebration shrimadhopur, shrimadhopur mla dipender singh shekhawat, dipendra singh shekhawat mla shrimadhopur, block congress committee shrimadhopur, congress party leader shrimadhopur, congress party workers shrimadhopur

Post a comment

0 Comments