नौ सौ वर्षों से अधिक पुराना है ओमल सोमल देवी मंदिर

नौ सौ वर्षों से अधिक पुराना है ओमल सोमल देवी मंदिर - सीकर जिले में कई धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल ऐसे भी हैं जो प्राचीन होने के साथ-साथ शिल्प एवं वास्तु कला का नायाब उदहारण हैं. इन्ही में से एक है सलेदीपुरा का ओमल सोमल देवी मंदिर.


यह मंदिर खंडेला से उदयपुरवाटी जाने वाले रास्ते पर स्थित है. खंडेला से उदयपुरवाटी जाने के दो रास्ते हैं. एक रास्ता सलेदीपुरा के बाहर से जाता है और दूसरा सलेदीपुरा के अन्दर से जाता है. यह दूसरा रास्ता पहाड़ी एवं थोडा वीरान है.

यह मंदिर इसी दूसरे रास्ते पर पाइराइट की खान के पास स्थित है. सलेदीपुरा से इस मंदिर की दूरी लगभग एक-डेढ़ किलोमीटर और खंडेला से लगभग 8 किलोमीटर है.



यह मंदिर भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित स्मारक है. मंदिर के लेख के अनुसार देवी दुर्गा को समर्पित इस मंदिर का निर्माण ग्यारहवीं शताब्दी में हुआ था. ऊँची जगती पर स्थित इस मंदिर में शिखर, गर्भगृह, सभामंडप आदि बने हुए हैं.

मंदिर तत्कालीन शिल्प कला का नायाब उदारहण है. सम्पूर्ण मंदिर देवी देवताओं की कलात्मक मूर्तियों से भरा हुआ है. मंदिर के बाहर सीढ़ियों के पास चबूतरे पर भी भव्य मूर्तियाँ लगी हुई है.

मंदिर की छत बहु अलंकृत है जिस पर सुन्दर कारीगरी का प्रदर्शन किया गया है. छत पर पत्थर को तराश कर गोलाकार आकृतियों में सुन्दर बेल बूँटे बने हुए हैं.

मंदिर तथा गर्भगृह की द्वार शाखाओं पर विभिन्न देवी देवताओं का अंकन है. गर्भगृह में कोई मूर्ति नहीं है. स्थानीय लोगों के अनुसार पहले गर्भगृह में सुन्दर मूर्तियाँ थी जो बाद में चोरी हो गई.

गर्भगृह के ऊपर सुन्दर नवगृह बना हुआ है जिसके शिखर तक देवी देवताओं की सुन्दर प्रतिमाएँ अंकित है. मंदिर का सूक्ष्मता से निरीक्षण करने पर हमें नौ सौ वर्ष पुराने धार्मिक एवं सामाजिक जीवन के साथ-साथ स्थापत्य कला का भी ज्ञान होता है.

स्थानीय मान्यता के अनुसार यह मंदिर दुर्गा माता की भक्त ओमल सोमल (ओमलदे सोमलदे) नाम की दो बहनों की स्मृति में बना था और कालांतर में उन्ही के नाम से प्रसिद्ध हुआ. गौरतलब है कि यह मंदिर देवी दुर्गा को समर्पित है.

नौ सौ वर्षों से अधिक पुराना है ओमल सोमल देवी मंदिर

इस मंदिर के ऐतिहासिक महत्त्व का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2018 में केंद्र सरकार की ‘अडॉप्ट ए मॉन्यूमेंट - अपनी धरोहर अपनी पहचान’ नाम की योजना के तहत सीकर जिले से केवल इसी मंदिर का चयन हुआ था.

गौरतलब है कि केंद्र सरकार की ‘अडॉप्ट ए मॉन्यूमेंट - अपनी धरोहर अपनी पहचान’ नाम की योजना के तहत राजस्थान के कई संरक्षित मंदिर, बावड़ी, किले-महल आदि स्मारकों को रखरखाव एवं संरक्षण के लिए निजी हाथों में गोद दिया जाना है.

वर्ष 2018 में पुरातत्व विभाग ने उपरोक्त योजना के लिए 14 जिलों के 27 स्मारकों की सूची तैयार कर राज्य सरकार को भेजी थी जिसका विवरण आगे दिया हुआ है.

1. सीकर से ओमल सोमल देवी मंदिर
2. चूरू से आनंदसिंह की छतरी, तारानगर और साहबा का तालाब (ढाब) व उसके किनारे निर्मित मठ व कूप
3. टोंक से सुनहरी कोठी
4. अजमेर का किला फतेहगढ़, शिव मंदिर ग्राम, शूकर वराह मंदिर बघेरा तहसील
5. भीलवाड़ा से गढ़ मांडलगढ़
6. जोधपुर में वीरों की दालान और शिव मंदिर लांबा बिलाड़ा, हर्ष देवल वरना बिलाड़ा, शिव मंदिर बावड़ी भोपालगढ़
7. बाड़मेर से मंदिर समूह किराड़ू
8. धौलपुर का तालाबशाही और पुरानी छावनी
9. भरतपुर का प्राचीन महल कामा, होल्कर की छतरी, गांगरसोली कुम्हेर
10. अलवर से इंदौर का किला, बाला किला, फतेह जंग गुम्बद
11. बारां का किला शाहाबाद
12. बूंदी की धाबाई जी का कुंड
13. बीकानेर से शासकों की छतरियाँ (राव बीकाजी की टेकरी)
14. उदयपुर के सूर्य मंदिर- टूस, शिव मंदिर पालड़ी और रामनाथ मंदिर व बावड़ी

अगर आप 900 वर्षों से अधिक पुरानी विरासत को देखकर उस समय की अनुभूति करना चाहते हो तो आपके लिए यह जगह उपयुक्त है.

Written by:
Ramesh Sharma

ramesh sharma smpr news

Keywords - omal somal temple, omalde somalde mandir, omal somal goddess durga temple, omal somal mandir, omal somal temple saledipura khandela, omal somal temple sikar, omal somal temple khandela, omal somal protected monument, protected monuments in sikar, protected monuments in rajasthan

Read News Analysis http://smprnews.com
Search in Rajasthan http://shrimadhopur.com
Join Online Test Series http://examstrial.com
Read Informative Articles http://jwarbhata.com
Khatu Shyamji Daily Darshan http://khatushyamji.org
Search in Khatushyamji http://khatushyamtemple.com
Buy Domain and Hosting http://www.domaininindia.com
Read Healthcare and Pharma Articles http://pharmacytree.com
Buy KhatuShyamji Temple Prasad http://khatushyamjitemple.com

Our Social Media Presence :

Follow Us on Twitter https://twitter.com/shrimadhopurapp
Follow Us on Facebook https://facebook.com/shrimadhopurapp
Follow Us on Instagram https://instagram.com/shrimadhopurapp
Subscribe Our Youtube Channel https://youtube.com/ShrimadhopurApp

Disclaimer (अस्वीकरण) : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं तथा कोई भी सूचना, तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार SMPR News के नहीं हैं,  इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति SMPR News उत्तरदायी नहीं है.

Post a comment

0 Comments